veer bhumi ahirwal(वीर भूमि अहीरवाल )

तोपखाने के वीर अहीर…एक बार एक अहीर सरदार लम्बी मुँछे , बड़ा साफा और ऊँचे कद का हुक्का पी रहे थे..तभी एक जवान आया और बोला की आपको 2IC साहब बुला रहे हैं यहां 2IC का मतलब द्वितिय कमांडिग अधिकारी हे वो बुला रहे हैं उनने कहा कुछ नहीं जवान लौटकर चला गया दूसरी बार फिर जवान आया और बोला साहब आपको 2ic साहब बुला रहे हैं फिर क्या मेजर साहब ने कह दिया की जा और उसको जाकर बोल दे तेरे बाप का नौकर नहीं हूँ जिसके नीचे काम करता हूँ उसको मिल चुका हूँ..और फिर क्या जवान चला गया फिर 2ic साहब की हिम्मत नहीं हुई की कुछ भी कहें…ये किस्सा काफी दिलचस्प है…ये किस्सा है सूबेदार मेजर राव प्यारे लाल यादव का..उनने 22 माऊँटेन से साल 1949 में रिटायर्ड लिया था उनको कई सेना मेडलो से नवाजा जा चुका है //(चित्र में उनके साथ जनरल थिमाय्या के साथ हैं )

रेजांगला के रण-खेतों में एक अनोखा मिलाप +++—————————————————————तोपखाने के फ़ौजी अफसर अरुण महेंद्रू लिखते हैं कि ये उनके लिए बड़े सम्मान की बात थी कि उनकी 63 फील्ड battery को , 1962 के युद्ध के बाद रेजांगला के रण में जूझे तमाम शूरवीर शहीदों के पार्थिव शरीरों को लेने के लिए 13 कुमाँऊ पलटन के साथ थी i वे आगे लिखते हैं —–ये एक बड़ा भयानक मंज़र था , जब शूरवीर अहीरों के शरीरों को बर्फ में से खोद कर बाहर निकाला जा रह था तो ऐसा लगता था कि वीर अहीर फिर से खड़े हो कर दुश्मन से लड़ने लगेंगे iवो आगे लिखते हैं — जैसे हम अहीर थे (यानि 63 फील्ड battery) वैसे ही जैसे 13 कुमाँऊ विशुद्ध अहीर थी —सोमवंशी क्षत्रियों का का एक अनोखा मिलाप …धर्म क्षत्रिय का नहीं है , रण में पीछे हटने का Iसिंहनी के जाये शेर अहीर, रणबांके हैं वीर अहीर II(फ़ोटो में अपने शूरवीर भाइयों रेजांगला के रणवीरों का अंतिम संस्कार करते हुए अहीर सैनिक )II वीर भोग्या वसुंधरा IIII राष्ट्र-सेवा हमारा जन्मसिद्ध धर्म है –अहीर रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II

episode 2

episode 3

episode 4

Episode 5

सुनिए.. एतिहासिक 1939-40 सिंगापुर अहीर सैनिक विद्रोह कि कहानी.. समझिए कि 1945 मे अहीर रेजिमेंट क्यों नहीं बन पाई..

Episode 6-

by Dr. Ishwar Singh Yadav

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